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आयुर्वेद में भी है वर्णन सीताफल की खूबियों का

ऐसी मान्यता है कि सीता ने वनवास के समय श्रीराम को यह फल भेंट किया था काले घने बाल हर किसी को पसंद होते हैं, लेकिन आजकल की दौड़ती-भागती लाइफ में अकसर लोग अपने बालों पर उतना ध्यान नहीं दे पाते जितना अपने ड्रेसिंग स्टाइल पर देते हैं, ऐसे में उन्हें बाल झड़ने और बालों के टूटने की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है।

आज के समय में बाल सफेद होना, झडऩा या गंजापन एक आम बीमारी बन चुका है। इस समस्या से दुनिया में बहुत ज्यादा लोग जूझ रहे हैं। लेकिन इसका भी एक उपाय है और वो है सीताफल। जी हां, इस फल के सेवन से बॉडी में बहुत से फायदे होते हैं। साथ ही ये फल बालों के लिए भी बहुत लाभदायक साबित होता है । आइए जानते हैं इससे जुड़े कुछ फायदे…

सीताफल की खूबियां

सीताफल की खूबियों के बारे में आयुर्वेद में भी वर्णन है। ऐसी मान्यता है कि सीता ने वनवास के समय श्रीराम को यह फल भेंट किया था। तभी से इसका नाम सीताफल पड़ा। आयुर्वेद के अनुसार शीताफल शरीर को बहुत शीतलता पहुंचाता है। यह फल पित्तशामक, तृषाशामक, उल्टी रोकने वाला, पौष्टिक, तृप्तिकर्ता, कफ एवं वीर्यवर्धक, मांस एवं रक्त वर्धक, बलवर्धक, वात दोष शामक और हृदय के लिए पूरी तरह लाभदायी है।

1॰ सीताफल के पत्तों को पीस कर फोड़ों पर लगाने से वो बहुत ठीक हो जाते हैं।

2॰ सीताफल के बीजों को बकरी के दूध के साथ पीसकर लगाने से सिर के उड़े हुए बाल भी फिर से पूरी तरह उग आते हैं।

3॰ सीताफल घबराहट दूर कर हार्टबीट को बहुत सही करता है। कमजोर हृदय या उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए इसका सेवन बहुत ही ज्यादा लाभदायक है।

4॰ कच्चा सीताफल खाने से अतिसार और पेचिश में बहुत फायदा मिलता है। कच्चे सीताफल को काटकर सुखा दें और पीसकर रोगी खिलाएं। इससे डायरिया भी बहुत सही हो जाएगा।

5॰ सीताफल दवा का काम भी करता है। इस फल को खाने से दुर्बलता दूर होकर मैनपावर को बढ़ती है।

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