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टीएवीआर वर्ल्ड टूर: कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य जागरूकता पर द हार्ट वाल्व सेंटर का पहला अभियान लांच

नई दिल्ली: आज दुनिया, कोरोनावायरस के डर में जी रही है। लोग और स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ता संक्रमण के तनाव से अभिभूत हैं। लेकिन बाहर एक और बहुत ताकतवर हत्यारा घूम रहा है। एक ऐसी चीज जिससे कोई भी टीका आपको सुरक्षा नहीं दे सकता है, जिससे कोई भी मास्क आपको बचा नहीं सकता है – हृदय रोग।

COVID-19 महामारी के दौरान अस्पताल जाने से बचने के लिए लोग लगभग सब कुछ करेंगे। दुर्भाग्य से, इसके परिणामस्वरूप कई लोग दिल का दौरा पड़ने के संकेतों की अनदेखी कर रहे हैं। शोध से पता चलता है कि COVID-19 की तुलना में दिल के दौरे से 17 गुना ज्यादा लोगों के मरने की संभावना है।

एक जागरूकता पैदा करने के हमारे प्रयास में और एक इलाज के लिए आशा की एक किरण दिखाने के लिए, दुनिया भर के बड़े हृदय विशेषज्ञ एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए एक साथ आए हैं। टीएवीआर वर्ल्ड टूर, पहला कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान है, जिसमें दुनिया भर के 20 अलग-अलग शहरों के 20 कार्डियक स्पेशलिस्ट टीमें शामिल हैं, जो एक वैश्विक मंच (जिओमीट) पर आए हैं।

इसका उद्देश्य जनता को आधुनिक हृदय संबंधी उपचारों जैसे कि टीएवीआर के बारे में शिक्षित करना है जो पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी का एक विकल्प है, जिससे अधिकांश मामलों में रिकवरी का समय घटकर सिर्फ 2 दिन रह जाता है। बदले में यह वर्तमान परिस्थितियों के अधीन शामिल जोखिमों को कम करता है। ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट या टीएवीआर एक हार्ट वाल्व को बदलने के लिए की जाने वाली पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी की तुलना में एक कम आक्रामक उपचार है। यह अभियान दुनिया में अब तक का आयोजित सबसे बड़ा टीएवीआर जागरूकता कार्यक्रम है।

यह कार्यक्रम द हार्ट वाल्व सेंटर इंडिया, हार्टटीम इंडिया की एक इकाई की एक पहल है, जो डॉ. ए.बी. गोपालमुरुगन की अध्यक्षता के अधीन भारत की पहली राष्ट्रव्यापी हृदय रोग विशेषज्ञों की टीम है। वर्तमान में, कावेरी अस्पताल, चेन्नई से बाहर काम करते हुए डॉ. ए.बी.गोपालमुरुगन, डॉ. प्रशांत वैज्यनाथ, डॉ. मोहम्मद अबूबकर और डॉ.कार्तिक राज और उनके विशेषज्ञों की टीम आज भारत में उपलब्ध सबसे उन्नत ट्रांसकैथेटर वाल्व थेरेपी प्रदान करती है। टीएवीआर वर्ल्ड टूर की परिकल्पना और निर्देशन डॉ. ए. बी. गोपालमुरुगन और टीम ने की है।

“एक टीम, एक दिल” की भावना को समझते हुए, दुनिया भर के अलग-अलग समय क्षेत्रों वाले 20 प्रमुख चिकित्सा केंद्रों से 20 सर्जिकल टीमें एक साथ मिलकर इस रिकॉर्ड बनाने वाली वैश्विक जागरूकता अभियान को एक बड़ी सफलता बनाने के लिए एक साथ खड़ी हैं। यह घटना चिकित्सा इतिहास में एक मील का पत्थर चिन्हित करता है कि 20 चिकित्सा टीमों ने दुनिया भर में एक ही समय में ये प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरा कर दिखाया है।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. सी. विजयबास्कर ने किया, जिनका कहना है “मुझे गर्व है कि भारत में जागरूकता पैदा करने और हृदय संबंधी उपचारों को आगे बढ़ाने की दिशा में पहला कदम तमिलनाडु के डॉ. ए. बी गोपालमुरुगन और उनकी टीम और कावेरी अस्पताल समूह द्वारा उठाया गया है”।

डॉ. एलेन क्रिबियर, जिन्होंने कथित तौर पर टीएवीआर प्रक्रिया का आविष्कार किया है, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, हंगरी, डेनमार्क, कतर, सऊदी अरब, इराक, चीन, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, यूएसए और दक्षिण अमेरिका के अन्य प्रसिद्ध डॉक्टरों में से एक पैनलिस्ट हैं।

डॉ. अरविंदन सेल्वराज, कार्यकारी निदेशक, कावेरी अस्पताल, चेन्नई ने कहा “कावेरी अस्पताल को टीएवीआर वर्ल्ड टूर जैसी वैश्विक पहल का हिस्सा बनने पर गर्व है। हम इस उपलब्धि के लिए दुनिया भर के चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम के साथ द हार्ट वाल्व सेंटर, हार्ट टीम इंडिया और डॉ. ए. बी. गोपालमुरुगन को बधाई देते हैं। इस अभियान के माध्यम से, हम यह कहना चाहते हैं कि हृदय संबंधी बीमारियों जैसी चिकित्सा आपात स्थितियों को इस महामारी के हालात समेत कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और तुरंत मदद ली जानी चाहिए ”।

डॉ. ए.बी. गोपालमुरुगन – हार्टटीम इंडिया, कावेरी अस्पताल, चेन्नई ने कहा, “हृदय रोग के कारण कई मौतें होती रही हैं। जाहिर है, मरीज Covid लगने के डर से उपचार कराने से घबरा रहे हैं। हालांकि, इसके कारण, कई हृदय रोगी उचित उपचार की कमी से हार्ट फेलियर का शिकार होते हैं। हम उन प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो रिकवरी का समय घटाता है, और इस प्रकार बीमारी लगने का जोखिम कम करता है। टीएवीआर ऐसा ही एक उपचार है जिसमें पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी के बिना हार्ट वाल्व को शिथिल किया जाता है। ज्यादातर मामलों में, एक घंटे में रोगी का हार्ट वाल्व बदला जा सकता है और दो दिन बाद अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है, जिसमें आगे पुनर्सुधार की कोई जरूरत नहीं होती है। मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हमारी टीम ने भारत में सबसे अधिक संख्या में टीएवीआर प्रक्रिया की है, साथ ही हमारे देश में कई अन्य उपचारों की शुरुआत की है और आज तक विश्व के सबसे पहले अन्य उपचारों की शुरुआत की है। हमें उम्मीद है, इस टीएवीआर वर्ल्ड टूर अभियान के माध्यम से, हम डर को दूर कर सकते और आज के समय में उपलब्ध अत्याधुनिक ह्रदय उपचार प्रौद्योगिकियों के बारे में जागरूकता फैला सकते हैं।”

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