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सरकार की मदद और 60% सब्सिडी से शुरू करें ये शानदार बिजनेस, होगी अच्छी कमाई

आज की दुनिया में एंटरप्रेन्योरशिप एक ऐसा शब्द है जिसके लिए सब उत्सुक रहते हैं। सब अपना खुद का बिजनेस खड़ा करना चाहते हैं। हर कोई सेल्फमेड बनना चाहता है। लेकिन इस बिजनस और तरक्की के रास्ते में अक्सर शुरुआती इन्वेस्ट करने के लिए पैसा राह की सबसे बड़ी बाधा बन जाती है।

अगर आप भी ऐसी ही समस्या से जूझ रहे हैं तो यहां आपको उन शानदार बिजनेस आइडिया के बारे में जानकारी मिलेगी। जिसकी शुरुआत आप 200000 से भी कम बजट में आसानी से कर सकते हैं। कुछ बिजनेस ऐसे है जिस पर सरकार 60% सब्सिडी देती है। एसे में आप अपने पास से सिर्फ ₹200000 लगाकर और सरकार की मदद से आप अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

 राइस एंड कड़ी पाउडर मेकिंग यूनिटः

राइस एंड करी पाउडर मेकिंग यूनिट के लिए सरकार 60% तक लोन देती है। इस यूनिट को लगाने के लिए आपको ₹655000 की जरूरत होगी। जिसमें से आपको ₹166000 अपने पास से लगाने होंगे। बाकी का ₹332000 और बाकी वर्किंग कैपिटल के लिए आपको भारत सरकार से लोन लेना होगा।

यह लोन मुद्रा स्कीम के तहत किसी भी बैंक से मिल जाएगा। आप अगर चाहे तो मुद्रा वेबसाइट पर जाकर प्रोजेक्ट फाइल के मुताबिक अपने लोन की स्कीम चुन सकते हैं। और ऑनलाइन अप्लाई भी कर सकते हैं।

टोमेटो सॉस मैन्युफैक्चरिंग यूनिटः

इस यूनिट बिजनेस की शुरुआत मात्र ₹195000 अपने पास से लगाकर की जा सकती है। वैसे इस बिजनेस को खड़ा करने के लिए आपको कुल मिलाकर ₹436000 वर्किंग कैपिटल की जरूरत होती है। जिसमें से आपको अपनी तरफ से करीब डेढ़ लाख रुपए लगाना होगा।

बाकी का सारा पैसा आप भारत सरकार से लोन के रूप में ले सकते हैं। इसके लिए भारत सरकार आपको मुद्रा स्कीम के तहत लोन भी उपलब्ध करवाती और उस पर 60% सब्सिडी देती है।

खुद के ₹110000 लगाकर शुरू करें आयुर्वेदिक यूनिटः

भारत सरकार आयुर्वेदा विज्ञान को बढ़ाने के लिए तत्पर है। इस क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को भारत सरकार की तरफ से बहुत बड़ी मात्रा में सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही लोन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है।

अगर आप आयुर्वेदिक कैप्सूल बनाने की यूनिट शुरू करना चाहते हैं। तो आपको अपने पास से ₹110000 लगाना होगा। बाकी के ₹447000 आपको भारत सरकार लोन के रूप में उपलब्ध करवाती है। और इसमें भी आपको सब्सिडी दी जाती है। लोन के रूप में उपलब्ध कराई गई राशि में शैड बनाने का खर्चा शामिल होता है। इसके जरिए आसानी से आप साल भर में 1500000 रुपए की कमाई कर सकते हैं।

आयुर्वेदिक चूर्ण बनाने की यूनिटः

आयुर्वेदा में अधिकतर दवाइयां चूर्ण के रूप में उपलब्ध होती है। जैसा कि भारत सरकार आयुर्वेदा को बढ़ाना चाहती है। तो आयुर्वेदिक चूर्ण बनाने के लिए यूनिट शुरू करने पर आपको लोन की राशि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। जिस पर ब्याज दर भी बहुत कम होती है।

खादी विलेज इंडस्ट्री बोर्ड के रिपोर्ट के मुताबिक आपको ₹476000 की लागत इस काम को शुरू करने के लिए लगेगी। जिसमें से ₹125000 का इंतजाम आपको खुद करना होगा। बाकी सारा आपको लोन के रूप में उपलब्ध करवाया जाता है। इससे आपको साल भर में लगभग ₹350000 की शुद्ध इनकम होगी।

राइस प्रोसेसिंग मिलः

भारत में चावल की सबसे अधिक खपत होती है और चावल के उद्योग को बढ़ाने के लिए भारत सरकार लोगों को सब्सिडी और लोन का इंतजाम करवाती है। इसकी शुरुआत करने के लिए कुल लागत ₹445000 की आएगी। जिसके लिए आपको अपने पास से मात्र ₹110000 लगाने होंगे। बाकी की राशि सरकार आपको लोन के रूप में उपलब्ध करवाती है। इस प्रोजेक्ट के तहत आप 370 क्विंटल राइस की प्रोसेसिंग करते हैं। इसका कॉस्ट कुल मिलाकर ₹445000 आता है और इससे आपकी साल भर में सेल ₹554000 तक की होती है।

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