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जानिए, क्या होता है रिवर्स मॉर्टगेज लोन?

अगर आसान शब्दों में कहे तो रिवर्स मॉर्टगेज लोन में प्रॉपर्टी के ओनरशिप की ट्रांसफर प्रक्रिया आप के होम लोन से बिलकुल विपरीत होती है। जब आप होम लोन लेते हो तब प्रॉपर्टी की ओनरशिप बैंक के पास होती है, और जैसे जैसे आप अपनी EMI बैंक में भरते हो वैसे प्रॉपर्टी की ओनरशिप आप के नाम हो जाती है।

रिवर्स मॉर्टगेज लोन को अगर उदहारण से समजे, मान लो आप की उम्र 60 साल के ऊपर है और आप के पास अपनी प्रॉपर्टी है। लेकिन आप को अपना महीने का नियमित खर्चेो को प्रबन्ध करने में दिक्कत होती हे क्यों की आप की आय अब इतनी नहीं है। लेकिन आप जहा रहते हो वह प्रॉपर्टी आप के नाम पे हे ऐसे में आप अपनी प्रॉपर्टी के सामने रिवर्स मॉर्टगेज लोन ले सकते हो।

रिवर्स मॉर्टगेज लोन में आप अपनी प्रॉपर्टी को गिरवी रखते हो जिसमें धीरे धीरे प्रॉपर्टी के ओनरशिप बैंक के नाम होती है, उसके बदले में आप को एक नियमित समय तक बैंक से इनकम मिल सकती है। वह इनकम महीने, तीन महीने ६ महीने या साल की किश्तो में मिल सकता है।

रिवर्स मॉर्टगेज लोन के अंत में दो प्रयाय होते है, पेहला यह हे की आप के देहांत के बाद आपके कानूनी वारिस आप ने लिए हुए लोन के पैसे चुकाए और वह प्रॉपर्टी बैंक से छुड़ा सकते है। बैंक को अपना पैसा वापस मिलने पर वह आपके कानूनी वारिस के नाम पर ट्रांसफर कर सकते है।

दूसरा प्रयाय यह हो सकता है की अगर आप के कानूनी वारिस आप की लोन का पैसा नहीं चूकते तो बैंक वह प्रॉपर्टी को बेचकर लोन के पैसे ब्याज के साथ काट कर अगर कोई बैलेंस बचा हे तो वह उसे आपके कानूनी वारिस को दे देगी ।

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