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पुलिस ने असम के कोकराझारी में नए आतंकी समूह यूएलबी के शिविर का किया भंडाफोड़

कोकराझार पुलिस ने शनिवार को असम के उल्टापानी इलाके में नवगठित आतंकवादी समूह यूनाइटेड लिबरेशन ऑफ बोडोलैंड (यूएलबी) के एक शिविर का भंडाफोड़ किया, विशेष महानिदेशक जीपी सिंह के अनुसार , असम पुलिस सुरक्षा बलों और के बीच गोलीबारी में दो कार्यकर्ता मारे गए।  दो पिस्टल और ग्रेनेड बरामद किए गए हैं

असम में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कोकराझार पुलिस ने देर रात उल्टापानी इलाके में नवगठित आतंकी समूह यूएलबी (United Liberation of Bodoland) के एक शिविर का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान आपसी फायरिंग में दो कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है। असम के विशेष डीजीपी एलएंडओ, जीपी सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान दो पिस्तौल और हथगोले बरामद किए गए हैं।

पिछले दिनों राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने उग्रवादी समूह उल्फा (आइ) के प्रमुख परेश बरुआ और चार अन्य सदस्यों के खिलाफ 2019 में हुए बम हमले की साजिश में संलिप्तता और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में एक विशेष कोर्ट में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। एनआइए के अधिकारी ने बताया कि बरुआ के अलावा पप्पू कोच बोकोलियाल, अमृत बल्लभ गोस्वामी, अरुणोदोय दाहोतिया और मुन्ना बरुआ के खिलाफ भदवि और यूए (पी) अधिनियम की संगत धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

यह मामला उल्फा (आइ) के दो सदस्यों द्वारा गुवाहाटी में पुलिस पार्टी पर बम फेंके जाने से संबंधित है। इस घटना में 12 लोग घायल हो गए थे। एनआइए अधिकारी ने कहा कि परेश बरुआ ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। एनआइए ने मामला फिर से दर्ज किया और जांच अपने हाथों में ले ली। जांच एजेंसी आठ आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।

वहीं तमिलनाडु में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में असफल होने से डरी एक और छात्रा ने बुधवार को आत्महत्या कर ली। एमबीबीएस की पढ़ाई की इच्छुक 17 वर्षीया लड़की सौंदर्या वेल्लौर जिले के गांव तालायारामपट्टू की रहने वाली थी और उसे नीट में सफलता नहीं मिलने का डर सता रहा था। चार दिनों के भीतर राज्य में आत्महत्या करने वाली यह तीसरी विद्यार्थी है। सबसे पहले 12 सितंबर को जब राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा आयोजित होने जा रही थी तब धनुष ने आत्महत्या कर ली थी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और अन्य पार्टियों के नेताओं ने प्रभावित परिवार को अपनी शोक संवेदना व्यक्त की और विद्यार्थियों से ऐसे कठोर कदम नहीं उठाने की अपील की। सरकार ने नीट में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की काउंसिलिंग के लिए एक टोल फ्री नंबर 104 की घोषणा की। राज्य की द्रमुक सरकार ने तमिलनाडु को नीट के दायरे से बाहर रखने के लिए एक विधेयक भी पारित किया है।

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