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जन्मदिन विशेष: जानिए कब नरेंद्र मोदी ने पार्टी का ध्यान अपनी तरफ किया आर्कषित

साल 1975-1977 का दौर जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया था तब नरेन्द्र मोदी को गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना वेश बदलकर चुपके से लोगों की मदद करते थें। नरेन्द्र मोदी ने उस समय देश में इमरजेंसी लागू करने का काफी विरोध भी किया था। नरेंद्र की कड़ी मेहनत के को देखने से संघ को लगने लगा की इस राष्ट्र भक्त को राजनीति की कमान संभालनी चाहिए। इसके बाद स्वयं सेवक संघ द्धारा उन्हें भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के लिए भी भेजा गया।

बीजेपी में शामिल होने के बाद पहली बार मोदी ने अहमदाबाद में हुए निगम चुनाव में बीजेपी के अभियान को तेज करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसमें बीजेपी की जीत हुई। साल 1988 में पार्टी ने मोदी  के कौशल शक्ति का अंदाजा लगाते हुए उन्हें गुजरात ब्रांच के आयोजक सचिव के पद पर नियुक्त कर दिया। साल 1990 में मोदी  ने बीजेपी के दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी की अयोध्या रथ यात्रा के संचालन में अपने राजनीतिक कौशल का इस्तेमाल कर अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। वहीं यहीं से उन्होंने पार्टी का ध्यान अपनी तरफ आर्कषित किया। इस दौरान बीजेपी को मोदी की अद्भुत कार्य क्षमता का एहसास हो गया था।

इसके बाद साल  जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी की एकता यात्रा निकाली गई, उस दौरान नरेन्द्र मोदी जी ने पार्टी की स्थिति को मजबूती प्रदान करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। और इसके बाद मोदी  का पार्टी में महत्व बढ़ता ही गया। साल 1995 में गुजारत में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी 121 सीट हासिल कर सत्ता में काबिज हुई। इसके बाद साल 1998 में मोदी को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया। इस पद पर रहते हुए भी मोदी ने अपनी जिम्मेदारी बेहद अच्छे तरीके से निभाई, इस दौरान उन्होंने कई अलग-अलग राज्यों में पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम किया

7 अक्टूबर साल 2001 का दिन जब में नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रुप में पहली बार शपथ ली। इसके बाद वह लगातार बुलंदियों को छूते चले गए।

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