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कार व मोटरसाइकिल का बीमा हो सकता है महंगा

भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने चालू वित्त वर्ष के लिए कारों और दो पहिया वाहनों के थर्ड पार्टी प्रीमियम में  वृद्धि की है। रेगुलेटर ने कहा है कि टू व्‍हीलर, ट्रक और कार का थर्ड पार्टी प्रीमियम बढ़ा दिया जाए। हालांकि तीन और पांच साल का बीमा लेने वाले वाहन मालिकों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। वहीं इलेक्ट्रिक टू व्‍हीलर और कारों के लिए प्रीमियम में 15% का डिस्‍काउंट दिया जाएगा।

भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने वर्ष 2019-20 के लिए थर्ड पार्टी मोटर बीमा प्रीमियम की दर बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। इसके मुताबिक 1,000 सीसी से कम क्षमता वाली कारों का तीसरा पक्ष बीमा प्रीमियम मौजूदा 1,850 रुपए से बढ़ाकर 2,120 रुपए कर दिया जाना चाहिए। इसी प्रकार 1,000 सीसी और 1,500 सीसी के बीच वाली कारों के प्रीमियम को मौजूदा 2,863 रुपए से बढ़ाकर 3,300 रुपए करने का प्रस्ताव किया गया है।

1,500 cc के इंजन से अधिक क्षमता वाली लग्‍जरी कारों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह मौजूदा 7,890 रुपए पर ही रखा जाएगा।  75 सीसी से कम क्षमता वाले टू व्हीलर के लिए थर्ड पार्टी प्रीमियम 427 रुपए से बढ़ाकर 482 रुपए करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही 75 सीसी से लेकर 350 सीसी तक के लिए भी वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है लेकिन 350 सीसी से अधिक की सुपरबाइक के मामले में किसी तरह के बदलाव का प्रस्ताव नहीं किया गया है। इसके साथ ही नई कारों के मामले में एक बारगी तीन साल की प्रीमियम दर और नए दोपहिया के लिए पांच साल की प्रीमियम दर का प्रस्ताव किया गया है।

सामान्य तौर पर थर्ड पार्टी प्रीमियम दर एक अप्रैल से संशोधित कर दी जाती है लेकिन इस बार कंपनी ने इसे अगला आदेश जारी होने तक पुरानी दरों में ही जारी रखने का फैसला किया था। अब नियामक ने तीसरे पक्ष के प्रीमियम के मामले में नई दरों का प्रस्ताव किया है। इरडा ने कहा कि वह इस प्रस्‍ताव पर सभी पक्षों की राय लेगा और 29 मई के बाद इसे लागू करने का फैसला हो सकता है।
वाहनों के बीमा प्रीमियम बढ़ाने के पीछे मकसद यह होता है कि कंपनियों द्वारा बीते साल में कितना मुआवजा दिया गया है और आगे कितना देना पड़ सकता है। इस आधार पर प्रीमियम बढ़ाया जाता है।
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