Saturday , November 16 2019
Home / भारत / भारत नेपाल में सबसे बड़े निवेशक में से एक, नेपाल की त्रिपक्षीय समझौते करने की इच्छा?

भारत नेपाल में सबसे बड़े निवेशक में से एक, नेपाल की त्रिपक्षीय समझौते करने की इच्छा?

चेन्नई से काठमांडू के लिए उड़ान भरने के साथ ही शी जिनपिंग पिछले 23 सालों में नेपाल की यात्रा करने वाले पहले चीनी राष्ट्रपति बन गए हैं। उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मुलाकात की और इस दौरान दोनों देशों के बीच करीब 20 समझौते हुए। इसमें सड़क सुरंग का निर्माण औ भी शामिल है।हाल ही में नेपाल की चीन के साथ नज़दीकियां बढ़ी हैं। भारत भी नेपाल से रिश्ते मजबूत करने में जुटा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन बार नेपाल का दौरा कर चुके हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और नेपाली पीएम ओली के बीच सबसे बड़ी डील ट्रांस-हिमालयन कनेक्टिविटी नेटवर्क को लेकर हुई है। इसके अलावा चीन-नेपाल काठमांडू के चीन बॉर्डर से जोड़ने के लिए सड़क सुरंग का निर्माण करवाएंगे। रेल नेटवर्क को भी सुविधाजनक बनाया जाएगा ।

अभी काठमांडू से चीन बॉर्डर के बीच सड़क बेहद खराब है। काठमांडू से चीन बॉर्डर तक जाने में हमें 6 घंटे लग जाते हैं पर नई सड़क के बन जाने से करीब 2 घंटे में ही ये दूरी तय कर ली जा सकेगी। भारत नेपाल में सबसे बड़े निवेशक में से एक है। नेपाल की मौजूदा स्थिति पर गौर करें, तो ये वास्तविकता है कि नेपाल को अब भारत पर अपनी निर्भरता कम करने की जरूरत है।

ट्रांस-हिमालयन कनेक्टिविटी नेटवर्क बनने पर तिब्बत से यूपी-बिहार को सीधा लिंक करेगा। नेपाल सरकार को उम्मीद है कि इस लिंक से व्यापारिक फायदा होगा। इसीलिए नेपाल आने वाले समय में भारत-चीन के साथ त्रिपक्षीय समझौते करने की इच्छा रखता है।

Loading...
Loading...