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लॉकडाउन का उल्लंघन: केजरीवाल सरकार को बर्खास्त करके मुकदमा दर्ज करने की मांग

कोरोना वायरस के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भारत में इससे बचाव के लिए लॉकडाउन किया गया है।

एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस लॉकडाउन को सफल बनाने तथा सरकार के तरफ से हर संभव मदद पहुंचाने में लगे हुए हैं। लेकिन, ऐसे संकट के समय में भी कुछ लोग अफवाह फैला कर इस लॉकडाउन को असफल बनाना चाह रहे हैं। इस महामारी के बीच भी कुछ नेता ओछी राजनीति पर उतर आये हैं, जो बेहद ही शर्मनाक है। ऐसे लोगों के वजह से देश में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा और भी बढ़ गया है।

ऐसे असंवेदनशील लोगों पर सख्त से सख्त करवाई होनी चाहिए। अचानक से प्रवासी मजदूरों का राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली से पलायन कराया जाता है। लाखों गरीब मजदूर आखिर किसके कहने पर या किस मजबूरी में सड़को पर आ जाते हैं। किस तरह की अफवाह फैलाई गई ताकि ये गरीब लोग इस महामारी से बचने के बजाय असुरक्षित तरीके से रोड पर आ जाते हैं?

सबसे अहम सवाल यह है कि लॉकडाउन तथा कर्फ्यू में लाखों लोग यूपी बॉर्डर के पास कैसे पहुँच जाते हैं? क्या प्रशासन को पता नहीं चला?

अगर लॉकडाउन के कारण उन मजदूरों के पास काम की कमी है, रहने तथा खाने की कोई व्यवस्था नहीं है तो दिल्ली सरकार ने उनके लिए रहने तथा खाने का इंतज़ाम क्यों नहीं किया?

एक बात तो बिलकुल साफ़ है कि ये मजदूर खुद नहीं आये, इन्हे सड़कों पर आने तथा लॉकडाउन के नियमों को तोड़ने के लिए मजबूर किया गया।

ये वही लोग हैं जो पहले CAA के बारे अफवाह फैला कर हिंसक प्रदर्शन कराते हैं फिर दंगे कराते हैं।

लॉकडाउन के दौरान झूठ फ़ैलाने वाले आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया गया है। जरा सोचिये, ऐसे समय में अरविन्द केजरीवाल के विधायक अफवाह फैलाते हैं, फिर भी अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी लोगों को रोकने का प्रयास नहीं करते हैं।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता तथा राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार को बर्खास्त करके सेना के तैनाती की मांग की है।

 

LLM के एक छात्र ने भी दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल पर मुकदमा दरजज करने की मांग की है।

आम आदमी पार्टी के संस्थापकों में से एक तथा केजरीवाल के पूर्व सहयोगी कुमार विश्वास ने इसपर निशाना साधते हुए कहा कि “सबको उनके गाँव लौटाने के लिए बसें लगा दी हैं” कहकर बेबस-लाचार लोगों को पहले सड़कों पर जमा करो, फिर जिस ट्वीटर पर उनमें से कोई नहीं है उस ट्वीटर पर  “यहीं रहो, हम खाना-पीना-दवा सब देंगे” कहकर फ़ेस-सेविंग करो ? सियासी लोग हर रिश्ते, हर हाल में सियासी ही रहेंगे .

अब सोशल मीडिया सहित हर जगह पर अरविन्द केजरीवाल पर आरोप लग रहे हैं।  इन लोगों के कारण देश में लॉकडाउन के नियमों को तोड़ा गया जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इसलिए इन सभी लोगों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग हो रही है।

अबतक तो गांवो को सुरक्षित बताया था लेकिन कुछ लोगों के वजह से स्थिति कितनी ख़राब हो सकती है? ग्रामीण इलाकों के अस्पताल ऐसी स्थिति में नहीं है कि वहां कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज सकें।

इसलिए आप सब से यही अनुरोध है कि जहाँ कहीं भी हैं लॉकडाउन के नियमों का पालन कीजिए। अगर कोई भी परेशानी हो तो स्थानीय प्रशासन या केंद्र सरकार के हेल्पलाइन पर संपर्क कीजिए

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