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इन 36 वस्‍तुओं पर बढ़ाया गया है सीमा शुल्‍क, देखें पूरी लिस्ट

घरेलू उद्योग को समान अवसर प्रदान करने के लिए 36 वस्‍तुओं पर सीमा शुल्‍क बढ़ाया गया है जिनमें निम्‍नलिखित शामिल हैं:

Ø  काजू गरी

Ø  फैटी एसिड, ओलियोकेमिकल एवं साबुन बनाने में उपयोग होने वाले परिशोधन से प्राप्‍त एसिड ऑयल

Ø  पॉली विनाइल क्‍लोराइड

Ø  प्‍लास्टिक का फ्लोर कवर, प्लास्टिक की वॉल अथवा सीलिंग कवरिंग

Ø  प्‍लास्टिक की वस्‍तुएं

Ø  ब्‍यूटाइल रबर

Ø  क्‍लोरोब्‍यूटाइल रबर अथवा ब्रोमोब्‍यूटाइल रबर

Ø  न्‍यूजप्रिंट और पत्रिकाओं के लिए कागज

Ø  मुद्रित पुस्‍तकें (कवर सहित) और मुद्रित नियमावली

Ø  ऑप्टिक फाइबर केबल बनाने के लिए वाटर ब्‍लॉकिंग टेप

Ø  सिरामिक रू‍फिंग टाइल एवं सिरामिक फ्लैग एवं पेविंग, दीवारों पर लगाई जाने वाली टाइलें इत्‍यादि

Ø  स्‍टेनलेस स्‍टील के उत्‍पाद

Ø  अन्‍य एलॉय स्‍टील के तार (आईएनवीएआर को छोड़)

Ø  फर्नीचर, दरवाजे, सीढ़ी, खिड़की के लिए उपयुक्‍त मानी जाने वाली बेस मेटल फिटिंग्‍स, माउंटिंग और इसी तरह की वस्‍तुएं

Ø  स्‍प्‍लिट-सिस्‍टम एयर कंडीशनर की इंडोर एवं आउटडोर यूनिट

Ø  सड़कों के निर्माण के लिए स्‍टोन क्रशिंग (कोन प्रकार) संयंत्र

Ø  सीसीटीवी कैमरा/आईपी कैमरा और डीवीडी/एनवीआर का चार्जर/पावर एडैप्‍टर

Ø  लाउडस्‍पीकर

Ø  डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) और नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर (एनवीआर)

Ø  सीसीटीवी कैमरा और आईपी कैमरा

Ø  ऑप्टिकल फाइबर, ऑप्टिकल फाइबर बंडल एवं केबल

Ø  ब्रेक, क्‍लच इत्‍यादि के लिए घर्षण सामग्री और उससे बने उत्‍पाद (शीट, रॉल, स्ट्रिप, सेगमेंट, डिस्‍क, वॉशर, पैड), जिनमें आधार के रूप में एसबेस्‍टस, अन्‍य खनिज पदार्थ या सेल्‍युलोज हो, भले ही ये कपड़ा अथवा अन्‍य सामग्री से युक्‍त हों या नहीं

Ø  रियर-व्‍यू मिरर सहित ग्‍लास मिरर, चाहे उनकी फ्रेमिंग हुई हो या न हुई हो

Ø   मोटर वाहनों में इस्‍तेमाल होने वाला एक प्रकार का लॉक

Ø  कैटेलाइटिक कन्‍वर्टर

Ø  आंतरिक कम्‍बशन इंजनों के लिए तेल अथवा पेट्रोल फिल्‍टर

Ø  आंतरिक कम्‍बशन इंजनों के लिए इनटेक एयर फिल्‍टर

Ø  साइकिलों अथवा मोटर वाहनों में इस्‍तेमाल होने वाला एक प्रकार का लाइटिंग अथवा विजुअल सिग्‍नलिंग उपकरण

Ø  वाहनों के लिए हॉर्न

Ø  साइकिल और मोटर वाहन के लिए अन्‍य विजुअल अथवा साउंड सिग्‍नलिंग उपकरण

Ø  विजुअल अथवा साउंड सिग्‍नलिंग उपकरण, विंडस्‍क्रीन वाइपर, डिफ्रॉस्‍टर और साइकिल अथवा मोटर वाहन में इस्‍तेमाल होने वाले एक प्रकार के डिमिस्‍टर के कलपुर्जे

Ø  विंडस्‍क्रीन वाइपर, डिफ्रॉस्‍टर और डिमिस्‍टर, सील्‍ड बीम लैंप यूनिट, ऑटोमोबाइल के लिए अन्‍य लैंप

Ø  शीर्षक 8702, 8704 के अंतर्गत आने वाले वाहनों की कंप्‍लीटली बिल्‍ट यूनिट (सीबीयू)

Ø  शीर्षक 8701 से लेकर 8705 तक के मोटर वाहनों के लिए इंजन युक्‍त चेसिस

Ø  शीर्षक 8701 से लेकर 8705 तक के मोटर वाहनों के लिए बॉडी (कैब सहित)

इसी तरह घरेलू उद्योग को आवश्‍यक मदद देने के लिए कुछ विशेष कच्‍चे माल और पूंजीगत सामान पर सीमा शुल्‍क को घटाने का प्रस्‍ताव है जिसका उल्‍लेख नीचे किया गया है:

Ø   नाफ्था

Ø  मिथाइलऑक्‍सीरेन (प्रोपि‍लीन ऑक्‍साइड)

Ø  इथिलिन डाईक्‍लोराइड (ईडीसी)

Ø  सिलिका प्रेफॉर्म के निर्माण में इस्‍तेमाल होने वाला कच्‍चा माल

ए)     सिलिकॉन टेट्रा क्‍लोराइड

बी) जर्मेनियम टेट्रा क्‍लोराइड

सी) प्रशीतित हीलियम द्रव

डी) सिलिका रॉड

ई) सिलिका ट्यूब

Ø  वूल फाइबर, वूल टॉप

Ø  सीआरजीओ स्‍टील के विनिर्माण में उपयोग किए जाने वाला कच्‍चा माल

ए) एमजीओ कोटेड कोल्‍ड रोल्‍ड स्‍टील क्‍वायल

बी) हॉट रोल्‍ड क्‍वायल

सी) कोल्‍ड-रोल्‍ड एमजीओ कोटेड स्‍टील

डी) हॉट रोल्‍ड पिकल्‍ड क्‍वायल

ई) कोल्‍ड रोल्‍ड फुल हार्ड

Ø  अमोरफस एलॉय रिबन

Ø  कोबाल्‍ट मैटे और कोबाल्‍ट धातुकर्म के अन्‍य मध्‍यवर्ती उत्‍पाद

Ø  निम्‍नलिखित इलेक्‍ट्रॉनिक वस्‍तुओं के विनिर्माण में उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत सामान

ए)     पॉपु‍ले‍टेड पीसीबीए

बी) सेल्‍युलर मोबाइल फोन का कैमरा मॉड्यूल

सी) सेल्‍युलर मोबाइल फोन का चार्जर/एडॉप्‍टर

डी) लिथियम ऑयन सेल

ई) डिस्‍प्ले मॉड्यूल

एफ) सेट टॉप बॉक्‍स

जी) काम्‍पैक्‍ट कैमरा मॉड्यूल

जहां एक ओर घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारत में निर्मित किए जा रहे कुछ विशेष इले‍क्‍ट्रॉनिक वस्‍तुओं पर सीमा शुल्‍क लगा दिया गया है, वहीं दूसरी ओर कुछ अन्‍य ऐसे पूंजीगत सामान पर सीमा शुल्‍क को हटा दिया गया है जो विशिष्‍ट इलेक्‍ट्रॉनिक वस्‍तुओं के निर्माण के लिए आवश्‍यक हैं।

खेल-कूद के सामान के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कुछ वस्‍तुओं जैसे कि फोम और पाइनवुड को एक खास सीमा तक शुल्‍क मुक्‍त आयात की अनुमति वाली वस्‍तुओं की सूची में शामिल कर लिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘इसी तरह चमड़ा क्षेत्र को राहत देने के लिए कच्‍चे चमड़े और अर्द्ध-तैयार चमड़े पर निर्यात शुल्‍क को तर्कसंगत किया जा रहा है।’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘रक्षा क्षेत्र में आधुनिकीकरण और अद्यतन की तत्‍काल आवश्‍यकता है। यह राष्‍ट्रीय प्राथमिकता है। इस उद्देश्‍य को ध्‍यान में रखते हुए ऐसे रक्षा उपकरणों को मूल सीमा शुल्‍क से मुक्‍त किया जा रहा है जिन्‍हें भारत में अभी नहीं बनाया जा रहा है।’

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