Breaking News
Home / भारत / कोयला क्षेत्र: वाणिज्यिक खनन को राजस्‍व बटवारे के आधार पर मंजूरी मिलने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और आएगी पारदर्शिता

कोयला क्षेत्र: वाणिज्यिक खनन को राजस्‍व बटवारे के आधार पर मंजूरी मिलने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और आएगी पारदर्शिता

राजस्व बटवारे की प्रणाली के जरिए कोयला क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी की घोषणा करते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि इससे कोयला क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और पारदर्शिता आएगी। इससे कोयला ब्लॉकों की निलामी और इसे निजी क्षेत्र द्वारा खुले बाजार में बेचने का रास्ता भी खुलेगा। उन्होंने बताया कि पचास कोयला ब्लॉक जल्दी ही निलामी के लिए उपलब्ध होंगे।

वित्तमंत्री ने कहा कि पांच सौ से अधिक खनन ब्लॉक खुली और पारदर्शी निलामी के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कोयला खनन के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के वास्‍ते पचास हजार रुपए के निवेश के लिए दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं। इन सुधारों से खनिजों के खनन में तेजी आएगी, रोजगार बढ़ेगा और खनन में नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल संभव हो सकेगा।

नागरिक विमानन क्षेत्र में सुधारों की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा की भारतीय वायु क्षेत्र का केवल साठ प्रतिशत वाणिज्यिक उडानों के लिए उपलब्ध होने का उल्‍लेख करते हुए घोषणा की कि अधिक वायु क्षेत्र की उपलब्धता के लिए प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से इस क्षेत्र को एक हजार करोड़ रूपये का लाभ होगा क्‍योंकि इससे वाणिज्यिक उड़ानों के लिए ईंधन और समय में काफी कटौती हो सकेगी।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि देश के छह और हवाई अड्डों की निलामी सार्वजनिक निजी मॉडल के तहत की जाएगी। इससे एक हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा और बाद में इसमें दो हजार तीन सौ करोड़ रुपए का और निवेश आएगा। वित्त मंत्री ने 12 अन्‍य हवाई अड्डों में भी निजी निवेश का रास्‍ता खोलने की घोषणा की।

उन्‍होंने कहा कि सरकार देश में विमानों के रख-रखाव, मरम्‍मत और ओवर हॉल के लिए कर ढांचे को और तर्कसंगत बनाएगी। अभी तक विमानों को रख-रखाव और मरम्‍मत के लिए विदेशों में भेजना पड़ता था।

निर्मला सीतारामन ने बताया कि सरकार बिजली पारेषण कम्‍पनियों के लिए जल्‍द ही एक शुल्‍क नीति बनाएगी जिसमें उपभोक्‍ताओं के अधिकारों और बिजली उद्ययोग को बढ़ावा देने और उसके सतत विकास पर पूरा ध्‍यान दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें: “झूठ, छल और बातों को गुप्त रखने की कोशिशों” के लिए जिम्मेदार चीन की मुश्किलें बढ़ी!

Loading...