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विभाजन के बाद भारत आए थे Arun Jaitley के दादाजी, पाकिस्तान के लाहौर से था उनका नाता

देश के पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का आज 12 बजकर 7 मिनट पर निधन हो गया है। आपको बता दे के अरुण जेटली का परिवार आजादी के बाद पाकिस्तान से भारत आया था। उनके दादाजी विभाजन के बाद ही भारत आए थे। साल 1947 से पहले उनका परिवार लाहौर में रहता था, लेकिन विभाजन के बाद परिवार दिल्ली आ गया था। उसके बाद अरुण जेटली का परिवार दिल्ली के नारायण विहार में रहने लगा।

अरुण जेटली का लंबे समय से इलाज चल रहा था और वह एम्स में भर्ती थे। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हो रहा था, जिसके बाद शनिवार को अरुण जेटली ने 66 साल की उम्र में दम तोड़ दिया। अरुण जेटली के पिता महाराज किशन जेटली भी पेशे से वकील थे। वो भी दिल्ली में वकालत करते थे। अपने पिता के ही बताएं रस्ते पे चलकर अरुण जेटली भी वकील बनें। अरुण जेटली ने नई दिल्ली सेंट जेवियर्स स्कूल से 1957-69 तक पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया और उसके बाद डीयू से 1977 में वकालत की डिग्री हासिल की।

अरुण जेटली पढ़ाई में बहुत अच्छे थे, इसीलिए वह अपनी शिक्षा के दौरान शानदार प्रदर्शन के लिए भी जाने जाते रहे। उन्हें कई अवॉर्ड्स से भी नवाजा गया। युवा अवस्था यानि छात्र जीवन से ही अरुण जेटली का राजनीति में खास रुझान था।

अरुण जेटली दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ही 1974 में डीयू स्टूडेंट यूनियन (DUSU) के अध्यक्ष बन गए थे। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से भी जुड़े थे। 1974 में स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष बनने के बाद अरुण जेटली 1980 में भाजपा में शामिल हुए।
बता दे कि अरुण जेटली सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता के पद पर भी रहे हैं।

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