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महंगाई पर काबू पाने के लिए बड़ा कदम: दैनिक जीवन में काम आने वाली वस्तुओं के दाम होंगे कम

GST की 23वीं काउंसिल मीटिंग में महंगाई पर काबू पाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। जीएसटी काउंसिल (परिषद) ने दैनिक जीवन में काम आने वाली वस्तुओं को 28 पर्सेंट जीएसटी स्लैब से बाहर रखने का फैसला लिया गया है। ऐसे 178 उत्पाद हैं जिनको 28 प्रतिशत स्लैब से बाहर कर 18 प्रतिशत स्लैब में समाहित किया गया है।   शैम्पू, डिऑडरेंट, टूथपेस्ट, शेविंग क्रीम, शू पॉलिश, चौकलेट, च्यूइंग गम और पॉवर ड्रिंक जैसे कई प्रोड्क्ट 28 प्रतिशत स्लैब से हटाकर 18 प्रतिशत स्लैब में शिफ्ट कर दिए गए हैं। स्टार श्रेणी में आने वाली होटलों पर 18 प्रतिशत जीएसटी ही लगेगा।

जबकि एसी और नॉन एसी रेस्टोरेंट 5 फीसद की स्लैब में आएंगे। इन बदलावों का प्रस्ताव असम के वित्तमंत्री हिमांता विश्व शर्मा के नेतृत्व वाले पैनल ने दिया था, जिस पर काउंसिल ने गंभीरता से विचार कर अमल भी किया। जीएसटी के 28 प्रतिशत स्लैब में तकरीबन 270 के करीब प्रोड्क्ट थे। गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल परिषद वित्त मंत्रालय द्वारा गठित सभी राज्यों के वित्त मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री का समूह है जिसके पास जीएसटी पर अपने सुझाव और दरों में संशोधन और बदलाव करने अधिकार है। इस समूह की अध्यक्षता वित्त मंत्री अरुण जेटली करते हैं। जीएसटी काउंसिल की यह 23वीं मीटिंग थी।

यह दो दिवसीय मीटिंग गुवाहाटी में शुरु हुई है। पिछली मीटिंग में भी 100 वस्तुओं की दरों में कमी की गई थी। 28 प्रतिशत वाली स्लैब वाले प्रोड्क्ट को 18 में समाहित किया जबकि 18 प्रतिशत के दायरे में आने वाली वस्तुओं को 12 प्रतिशत में शिफ्ट किया गया।

गौरतलब है कि जीएसटी के 28 प्रतिशत स्लैब का हर तरफ विरोध हो रहा है। केंद्र ने महंगाई पर काबू पाने के लिए काफी हद तक प्रयास किए हैं। पीएम मोदी भी जीएसटी में संशोधन की बात कह चुके हैं। जीएसटी के पहले तीन महीने में सरकारी ट्रेज़री में 2.78 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू आ चुका है।

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