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भारतीय फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर: ‘India Pharma Week 2016’ का शुभारंभ

मुम्बई: भारत के अग्रणी प्रदर्शनी आयोजनकर्ता UBM India ने अपने प्रमुख कार्यक्रम और विश्व के अग्रणी फार्मा नेटवर्किंग कार्यक्रम CPhI और P-MEC India 2016 की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मुम्बई शहर में 10 नई महत्त्वपूर्ण गतिविधियों के साथ India Pharma Week को लांच किया है। India Pharma Week की लांच (IPW, 17 से 23 नवम्बर 2016) के साथ तीन दिवसीय प्रदर्शनी के बजाय एक्सपो ने अब सप्ताह भर चलने वाले शो का रूप ले लिया है।

2006 में शुरुआत के बाद CPhI & P-MEC India जिसका जन्म CPhI Worldwide से हुआ, अब दक्षिण एशिया में फार्मा क्षेत्र का प्रमुख मेलजोल कार्यक्रम बन गया है जो औषधि खोज से लेकर तैयार डोसेज तक सप्लाई चेन के सभी चरणों को कवर करता है जिसमें मशीनरी और पैकेजिंग भी शामिल है। बीते वर्षों में यह शो अभूतपूर्व ढंग से विकसित हुआ है, जिसमें घरेलू और विदेशी प्रदर्शनीकर्ता और विजिटर शामिल होकर कारोबार को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाते हैं।

India Pharma Week के उद्‌घाटन के बाद Pre-Connect Congress के आयोजन ने सप्ताह भर चलने वाली गतिविधियों की पृष्ठभूमि तैयार की। उद्‌घाटन कार्यक्रम ने वैश्विक कंपनियों को भावी कारोबार के लिए भारत की फार्मा नियामक अपेक्षाओं, वृद्धि और उभरते वर्गों के बारे में जानने का अवसर प्रदान किया। पैनल चर्चाओं की श्रृंखला में महत्त्वपूर्ण प्रासंगिक विषय जैसे कि फार्मास्यूटिकल निर्यात संभावनाएं बढ़ाने के लिए परंपपरागत और गैर-परंपरागत उपायों की खोज (‘Exploring Conventional and Unconventional Avenues to Enhance Pharmaceutical Export Potential’); विलय और अधिग्रहण भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए प्रेरक शक्ति (‘Mergers and Acquisition – Driving force for Indian Pharma Sector’); बायोसिमिलर्स अगला महत्त्वपूर्ण विषय (‘Biosimilars – The next Big Thing); गुणवत्ता अनुपालन – एक सांस्कृतिक पूर्वापेक्षा या बाहरी दायित्व? (Quality Compliance – A Cultural Pre-Requisite Or External Obligation?’) और मेक इन इंडिया – एक फार्मा दृष्टिकोण (‘Make in India– A Pharma Perspective’)शामिल हैं।

Pre-Congress में फार्मास्यूटिकल क्षेत्र के अग्रणी लोगों जैसे कि D G Shah, महासचिव, IPA; Sharad Tyagi, मैनेजिंग डायरेक्टर, Boehringer Ingelheim; Srini Srinivasan, मैनेजिंग डायरेक्टर, Hospira Healthcare Pvt Ltd – A Pfizer Company; Sanjit Singh Lamba, मैनेजिंग डायरेक्टर, Eisai Pharmaceuticals; CT. Renganathan, मैनेजिंग डायरेक्टर, RPG Lifesciences; Krishna Prasad Chigurupati, संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर, Granules India; Vivek Sharma, सीईओ, Piramal Pharma Solutions & Critical Care; Ashok Bhattacharya, मैनेजिंग डायरेक्टर, Takeda Pharmaceuticals; G. Munjal, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, Ind-swift laboratories; और Satya Karm Punia, मैनेजिंग डायरेक्टर, Camus Pharma व अन्य ने शामिल होकर चर्चाओं में अपने महत्त्पूर्ण विशिष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।

18 नवम्बर को आयोजित होने वाला India Pharma Week, The Women in Pharma-Power Breakfast (फार्मा क्षेत्र में महिलाएं-पॉवर ब्रेकफॉस्ट) सत्र एक अन्य महत्त्वपूर्ण आगामी आयोजन है जिसमें इस तथ्य पर विचार किया जाएगा कि उपलब्धियों के बावजूद भारतीय फार्मा उद्योग में कुल कार्मिकशक्ति में महिलाओं की भागीदारी केवल 15 प्रतिशत ही क्यों है। फार्मा सेक्टर में नई इबारत रचने वाली महिलाओं द्वारा इस सत्र में विचार-विमर्श में हिस्सेदारी की जाएगी जिनमें Samina Vaziralli, एक्जीक्यूटिव वॉइस चेयरमैन, Cipla; Dr Anurita Majumdar, सीनियर मेडिकल डायरेक्टर और ग्लोबल एस्टैब्लिश्ड फार्मा मेडिकल लीड, Pfizer; और Dr Rashmi Hegde, डायरेक्टर- मेडिकल, Abbott व अन्य शामिल हैं।

18 नवम्बर की शाम को आयोजित किए जाने वाले India Pharma Awards फार्मा उद्योग में उत्कृष्टता, उपलब्धियों और नवप्रवर्तनों को सम्मानित करने और सराहने का प्रयास हैं, जहां नेटवर्किंग के अवसर, प्रस्तुतिकरण, तथा ग्लैमर से भरपूर मनोरंजन कार्यक्रम भी पेश किए जाएंगे। दूसरी ओर 20 नवम्बर को Pharma Leaders’ Golf का आयोजन होगा जहां फार्मा क्षेत्र के अग्रणी लोगों को जाड़ों की खुशनुमा धूप में गोल्फ खेलते हुए नेटवर्किंग करने और कारोबारी अवसरों का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।

औद्योगिक अग्रणी विचारकों की एक महत्त्वपूर्ण बैठक, एक विशिष्ट क्लोज्ड डोर CEO Round Table के रूप में 22 नवम्बर को होगी, जिसमें अग्रणी फार्मा कंपनियों के सीईओ, गहन विचार-विमर्श करते हुए उद्योग जगत की प्रमुख चुनौतियों के समाधान खोजने के नजरिए से चर्चाएं करेंगे, जिसके पश्चात एक श्वेतपत्र (व्हाइट पेपर) रिपोर्ट नीतिनिर्माताओं के लिए तैयार की जाएगी। बैठक में भाग लेने वाले कुछ प्रमुख विचारकों में Sanjiv Navangul, मैनेजिंग डायरेक्टर, Janssen India, (Johnson and Johnson की एक फार्मास्यूटिकल कंपनी; Sudarshan Jain, एम.डी., Abbott Healthcare; Dr BPS Reddy, चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर, Hetero Drugs; Dr Dinesh Dua, सीईओ, Nectar Lifesciences; DG Shah, प्रेसिडेंट, IPA; Madan Mohan Reddy, डायरेक्टर, Aurobindo; Kanchana TK, प्रेसिडेंट, OPPI; Prashant Nagre, सीईओ, Fermenta Biotech; Dr. Ketan R. Patel, चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर, Troikaa और Dr. Dushyant R Patel, चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर, Astral SteriTech शामिल हैं।

India Pharma Week भारत के फार्मास्यूटिकल्स बाज़ार की संभावनाएं प्रदर्शित करता है। आकार के आधार पर यह तीसरा सबसे बड़ा उद्योग है और 2020 तक इसके 15 फीसदी प्रति वर्ष की दर से बढ़ने की उम्मीद है। विश्वस्तर पभारत सर्वाधिक जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराता है और मात्रा के आधार पर वैश्विक निर्यातों में भारतीय जेनेरिक्स की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एड्‌स का सामना करने के लिए वर्तमान में दुनिया भर में प्रयुक्त एंटीरेट्रोवायरल दवाओं का 80 प्रतिशत भाग भारतीय फार्मास्यूटिकल फर्मों द्वारा आपूर्ति किया जाता है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, FY 2015-16 में 11.44 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ US$ 12.91 बिलियन का स्तर छूते हुए भारत ने फार्मास्यूटिकल निर्यातों के मामले में चीन पर भी अपनी बढ़त बनाई हुई है।

Mr. Yogesh Mudras, मैनेजिंग डायरेक्टर, UBM India ने India Pharma Week के उद्‌घाटन के अवसर पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि, India Pharma Week विचारों और समग्र ज्ञान का मिलन बिंदु है, जिसके जरिए हमारा फ्लैगशिप फार्मा आयोजन CPhI और P-MEC India एक सीमाओं में बंधे शो से बढ़कर महत्त्वपूर्ण बौद्धिक मूल्य संवर्धन की विशेषता हासिल करता है। यह मुखय हितधारकों को आपसी मुलाकातें करने, मिलकर योजना बनाने, साझेदारियां कायम करने,सीखने, साझा करने व विकसित तथा उभरते बाज़ारों में मुखय अवसरों की पहचान करने के अवसर प्रदान करता है। व्यवसाय,ज्ञान, नेतृत्व, सम्मान और नेटवर्किंग के आधारों पर केंद्रित होने के साथ UBM India में हमें गर्व है कि हम फार्मा उद्योग में बदलाव के प्रेरक बन रहे हैं, जो इस सेक्टर के पुराने महारथियों और नवप्रवर्तकों द्वारा भरपूर समर्थित है।

कैश अफरा-तफरी : अब पेट्रोल पंपों पर मिलेंगे रुपए

…तो इसलिए बिक रहा है 2000 रुपए का नोट 1.5 लाख में

(इस खबर को बिजनेस संदेश टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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