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अब इनकम टैक्स रिटर्न में देनी होगी बिटकॉइन निवेश की जानकारी

क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग करने वाली कंपनियों ने सरकार से क्रिप्टोकरेंसीज को डिजिटल एसेट के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है ।

उनका साथ ही कहा है कि सरकार टैक्सपेयर्स को आईटी रिटर्न भरते समय अपनी क्रिप्टो होल्डिंग जानकारी देने का इनकम टैक्स एक्ट में खास प्रावधान करे। इससे 50 लाख रुपये से अधिक क्रिप्टोकरेंसी रखने वाले लोगों को साल में एक बार अपने क्रिप्टो एसेट की घोषणा करनी होगी ।

क्रिप्टो इंडस्ट्री एसोसिएशन IndiaTech.org के सीईओ रमेश कैलासम ने कहा कि “हमने सरकार से आईटी रिटर्न में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े निवेश का खुलासा (डिसक्लोजर) शामिल करने के लिए प्रावधान करने को कहा है।

इससे क्रिप्टो होल्डिंग को लेकर पारदर्शिता आएगी। टैक्सपेयर द्वारा इस तरह के खुलासे का पारदर्शी ऑडिट हो सकता है, क्योंकि अभी यह जिम्मेदारी क्रिप्टो एक्सचेंजेस पर है, जो खुद ही केवाईसी चेक करते हैं ।

इंडस्ट्री संगठन का कहना है कि भारत को क्रिप्टो टोकन्स को करेंसीज के बजाय डिजिटल एसेट्स के रूप में मान्यता देनी चाहिए और एक्सचेंज ऑनरशिप पैरामीटर्स, केवाईसी और अकाउंटिंग और रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड्स पर अपनी नीतियां स्पष्ट करनी चाहिए ।

अपने देश में एक करोड़ से अधिक लोगों के पास 1 अरब डॉलर से अधिक क्रिप्टो एसेट है । देश में रोजाना इसका 35 करोड़ से 50 करोड़ डॉलर का कारोबार होता है और 300 से ज्यादा स्टार्टअप इससे जुड़े हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिला है।

हाल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि,”सरकार देश में क्रिप्टो ट्रेडिंग के मामले में सतर्क रुख अपनाएगी और क्रिप्टोकरेंसी को रेग्युलेट करने के लिए आरबीआई के साथ बातचीत चल रही है”।

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