Home / Literature

Literature

हिन्दी दिवस पर विशेष: हिन्दी का पूजन पग-पग है!!

hindi-divas

हिन्दी से तन-मन खिल जाए। हिन्दी से सब गम मिट जाए।। हिन्दी भाषा अजर अमर है; हर भाषा में घुल-मिल जाए।। स्वर व्यंजन हम जब लिखते हैं। दीप दिलों में तब जलते हैं।। हिन्दी भाषा के गौरव से ; विश्व पटल पर जन सजते हैं।। भाषा को सम्मान दिलाएं। बाल …

Read More »

जरूर पढ़े: पत्नी के शव को कंधों पर 12 किलोमीटर तक लेकर पैदल चलने वाले दाना मांझी पर लिखी गई कविता

dana

दाना मांझी फर्ज समझकर दाना मांझी , आगे बढ़ता जाता था कालाहांडी की सड़कों पर, तिल-तिल मरता जाता था।। गरीब पति के पति-धर्म ने, पत्नी को सम्मान दिया; लाश उठाए कन्धों पर वह पौरुष भरता जाता था।। माँ  की अर्थी बापू कन्धे बेटी भूले अब कैसे; बेटी के संग ओडिशा …

Read More »

सच्चा जश्न (आज़ादी दिवस गीत)

independence-day

आन-बान सम्मान दिलाना ,अपने भारत देश को। हिन्द देश का रंग चढ़ाना, पश्चिम के परिवेश को।। थोथी बातों से जनता को ,अब बहकाना बंद करो; सत्तरवाँ  उत्सव आजा़दी ,समझो जन आवेश को।। आज़ादी का दिवस सुहाना नई उमंगे लाया है। भारत की माटी के रँग में जग को रंगने आया …

Read More »

मेरे वतन…

1

ऐ वतन मेरे वतन…मेरे वतन.. है मुझे भारत माँ की कसम, पीछे न कभी हटायेंगे कदम, ऐ वतन मेरे वतन …… न जान की फिकर,न मौत का भय है, हारेंगे न हम कभी,जीत हमारी तय है, ऐ वतन..मेरे वतन…. दुश्मनों की छाती को छली हम कर जायेंगे, हँसते-हँसते माँ की …

Read More »

आजादी

independence

कल रात सपने में मेरे आई एक हकीकत। बिखरे बाल थे उसके, बड़े बुरे हाल थे उसके। चेहरे पर थीं उम्र की झुर्रियां, आँखें थी अंदर को धंसी -धंसी। मैंने पूछा तुम कौन हो? क्यों रहती सदा तुम मौन हो? कहाँ से तुम आई हो? क्या साथ में लाई हो? …

Read More »

तिरंगाः जीने का जज्बा

Tiranga

यह तिरंगा जो हमारा है बहुत ही हमको प्यारा है आत्मा वतन की और जीने का ज़ज्बा हमारा है इसको देख सिर सज़दे में खुद़ ब़ खुद़ झुकता है वन्दे मातरम उद्घोष जब जब कानों में पड़ता है क्या कहें फिर रोम-रोम कुछ इस तरह मचलता है भारत माँ के …

Read More »

मैं आज़ाद हूँ (व्यंग्य)

आओ आज मानते हैं आज़ादी का जश्न तुमने दिया मुझे नव भविष्य की कल्पना और आजाद होने की अनुभूति । और हो गयी मैं आज़ाद….. तोड़ दी सारी बंदिशें…… अपनी मासूमियत भरी कोमल भावनाओं का चोला उतार फेंका मैने क्यों जकड़ कर रखूँ खुद को मर्यादा ,सभ्यता , शान्ति और …

Read More »

वंदेमातरम्

15 aug

वंदेमातरम तुम बोलो , वंदेमातरम हम बोलें । अपने मन की बंद खिड़कियाँ एक बार फिर खोल रहे। माफ़ नहीं होंगे वो लेकिन, जहर दिलों में घोल रहे ।। सबका ही सम्मान यहाँ , श्रम से सबको ही तोलें ।। वंदेमातरम तुम बोलो , वंदेमातरम हम बोलें । आजादी पर …

Read More »

नवभारत

1

देश की खंडता को एकता में बदलेंगे, सबको देशभक्ति का जाम पिलायेंगे, हिंदु और मुस्लिम को भाई बनायेंगे, गीता कुरान हम सबको सिखायेंगे, दुनिया का ताज होगा ये वतन। ऐसा नवभारत बनायेंगे हम।। देश का अब हर बच्चा पढ़ेगा, हर व्यक्ति को रोजगार मिलेगा, सब कोई अपना अधिकार जानेगा, कर्तव्य …

Read More »

महफूज़ रखना देश को

flag

जब भी ये प्यारा  तिरंगा हवा में लहराता है देख उसे मेरा दिल बड़े शान से मुस्काता है सदियों की ग़ुलामी बाद दिन काले बीत गए। जाँबाज़ वीरता कारण हम गौरों को जीत गए ।। सुनके उनकी शौर्यगाथा सिर नतमस्तक होता है । लहराता दिखे जब तिरंगा आँखों में सपने …

Read More »