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नोटबंदी मामला : दूसरे बैंकों में नहीं बदले गए नोट, लोग परेशान

नई दिल्ली। 500 और 1000 रुपए के नोटबंदी के बाद हो रही असुविधा को देखते हुए शनिवार को सभी बैंक सिर्फ अपने ही ग्राहकों को सेवाएं दे रहे हैं। भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने कहा कि शनिवार को दूसरे बैंकों के ग्राहक 500 रुपए (पुराने) और 1000 रुपए के नोट नहीं बदलवा सकेंगे। हालांकि इससे बुर्जुगों को छूट मिली है। वे शनिवार को भी दूसरे बैंक में जाकर पुराने नोट बदल सकते हैं। आईबीए ने कहा कि यह निर्णय फैसला सिर्फ शनिवार के लिए है।

सोमवार से सभी उपभोक्ताओं को किसी भी बैंक शाखा से नोट बदलने की अनुमति होगी। आईबीए के चेयरमैन राजीव ऋषि ने मीडिया से कहा कि इन सभी दिनों हमारे ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ी क्योंकि हम उनका काम नहीं कर सके। ऐसे में कई शाखाओं में हमारे मौजूदा उपभोक्ताओं का काम अटका हुआ है। आईबीए में हमने तय किया है कि शनिवार को सिर्फ विशिष्ट रूप से अपने उपभोक्ताओं के लिए काम करेंगे।

इसलिए बाहर के ग्राहकों के नोट नहीं बदले जाएंगे।’उन्होंने बताया कि जब से बैंकों ने उपभोक्ताओं की उंगली पर निशान के लिए अमिट स्याही का प्रयोग शुरू किया है, कतारें घटने लगी हैं। केन्द्र सरकार नोटबंदी के बाद पुराने नोटों को बदलकर नए नोट लेने की सुविधा को धीरे-धीरे बंद कर सकती है। ऐसे नोट रखने वालों से अपनी राशि सीधे बैंक खातों में जमा करवाने को कहा जा सकता है। सरकार फिलहाल ऐसा सोच रही है। फिलहाल कोई व्यक्ति अधिकतम 2000 रुपए तक के नोट बदलवा सकता है।

गौरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी यानी 500 व 1000 रुपए के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। तब सरकार ने लोगों से कहा था वे 9 नवंबर से 30 दिसंबर तक अपने पुराने नोट या तो बैंकों में जमा करवा दें या उन्हें नये नोटों से बलवा लीजिए। पहले कोई व्यक्ति अधिकतम 4000 रुपए प्रतिदिन नोट बलवा सकता था। बाद में इसे बढ़ाकर 4500 रुपए प्रति दिन किया गया लेकिन सरकार ने गुरुवार घटाकर 2000 रुपए प्रति व्यक्ति कर दिया। इसके साथ ही 30 दिसंबर तक नोट केवल एक बार ही बदलवाए जा सकेंगे।

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